Hindi Status
फिर
ग़लतफैमियो में डाल दिया,
जाते हुए मुस्कुराना ज़रूरी
था.....!!!
ऊपर वाला भी आशिक
है अपना,
किसी और का होनें
नहीं देता मुझे…..!!!
मुझसा ही आलसी मेरा
खुदा है,
ना मै कुछ मांगता
हूँ, ना वो कुछ
देता है.....!!!
मेरी हिम्मत को परखने की
गुस्ताखी न हो,
पहले भी कई तूफानों
का रुख मोड़ चुका
हु.......!!!
पथ्थर समझ के हमें
मत ठुकराओ,
कल हम मंदिर में
भी हो सकते हैं......!!!
एहसान नहीं है जिन्दगी
तेरा मुझ पर,
मैंने हर सांस की
यहाँ कीमत दी है.......!!!
झूठ अगर यह है
कि तुम मेरे हो
तो यकीन मानो, मेरे
लिए सच कोई मायने
नहीं रखता…!!!
बचपना अब भी वही
है हममें,
बस ज़रूरतें बड़ी हो गयीं
हैं.....!!!
बहुत उदास बैठे हो,
कहो तो दिल दूं
खेलने के लिए….!!!
सब कुछ पा लिया
मैंने,
पर वो तेरे मेंहदी
लगे हाथ मेरे ना
हो सके......!!!
अब तो डरने लगा
हुँ मैं,
जब कोई कहता हैं
की "मेरा विश्वास तो
करो".....!!!
मैने कभी झूठ बोलना
सीखा नही,
इसलिए तो कई लोग
मूजसे नफरत करते है….!!!
ऐ मोहब्बत तू शर्म से
डूब मर,
एक शख्श को तू
मेरा ना कर सकी…...!!!
मुट्ठी भर उजाला बांट
दीया,
और कहा.. लो हो गयी
सुबह....!!!
खेलती है मेरे दुखो
के साथ,
जिंदगी किस कदर शरारती
है....!!!
मैं हर काम गलत
करता हु पर,
कोई गलत काम नहीं
करता....!!!
कहते है इश्क ऐक
गुनाह है,
जिसकी शरुआत दो बेगुनाहो से
होती है....!!!
उसे गजब का शौंक
है हरियाली का,
रोज आकर जख्मों को
हरा कर जाती है….!!!
जिंदगी का खेल शतरंज
से भी मज़ेदार होता
है,
लोग हारते भी है तो
अपनी ही रानी से....!!!
ना शाखों ने जगह दी,
ना हवाओं ने बख्शा,
मैं हूँ टुटा हुआ
पत्ता, आवारा ना बनता तो
क्या करता....!!!
जब हाथ आसमां तक
नहीं पहुँचते,
मैं पैर बुज़ुर्गों के
छुं लेता हूं....!!!
मैंने कहा आज झूठ
का दिन हैं,
वो मुस्करा के बोले, फिर
तुम मेरे हो....!!!
सुकून गिरवी है उसके पास,
मोहब्बत क़र्ज़ ली थी
जिससे.....!!!
मेरे बारे मे कोइ
राय मत बनाना गालिब,
मेरा वक्त भी बदलेगा,
तेरी राय भी.…!!!
दुनिया तेरी रौनक़ से
मैं अब ऊब रहा
हूँ,
तू चाँद मुझे कहती
थी मैं डूब रहा
हूँ....!!!
जिंदगी हमारी यूं सितम हो
गई.
खुशी ना जानें कहां
दफन हो गई.....!!!
लिखी खुदा ने मुहब्बत
सबकी तकदीर में,
हमारी बारी आई तो
स्याही खत्म हो गई......!!!
ज़िन्दगी सस्ती है,
जीने के ढंग महँगे
हैं......!!!
तरक्की की फसल, हम
भी काट लेते,
थोड़े से तलवे, अगर
हम भी चाट लेते.....!!!
सिर्फ खुशबू रही, गुलाब नहीं,
तेरी यादों का भी जवाब
नहीं.....!!!
भूल जाना उसे मुश्किल
तो नहीं है लेकिन,
काम आसान भी हमसे
कहाँ होते हैं.....!!!
यहाँ हर किसी को,
दरारों में झाकने की
आदत है,
दरवाजे खोल दो, कोई
पूछने भी नहीं आएगा…!!!
सुलाके सबको गहरी नींद
में,
फिर अकेला क्युं अंधेरा जागता है.....!!!
सबब तलाश करो… अपने
हार जाने का,
किसी की जीत पर
रोने से कुछ नहीं
होगा....!!!
इतना कीमती न कर तू
खुद को,
अक्सर लोग मँहगी चीजों
को देखकर छोड़ देते हैं....!!!
लिपटे तुझसे कुछ यूँ,
कि बिछड़ने का तरीक़ा भूल
गए…!!!
आईना खफा हो गया,
जब चहेरे बदल गये.....!!!
शेर अगर चूप है
तो इसका मतलब ये
नही की वो दहाड़ना
भूल गया…!!!
इश्क़ बुझ चुका है,
क्यूंकि हम ज़ल चुके
हैं….!!!
'नमक' की तरह हो
गयी है जिंदगी,
लोग 'स्वादानुसार' इस्तेमाल कर लेते हैं…!!!
किस्मत तो लिखी थी
मेरी सोने की कलम
से,
पर इसका क्या करें
कि स्याही में ज़हर था.......!!!
अहसासों के काग़ज पर,
ख़ुद को लिखता रहता
हूँ…!!!
बुरे वक़्त का लम्हा हूँ,
अंधा, गूंगा, बहरा हूँ…...!!!
प्यार, एहसान, नफरत, दुश्मनी जो चाहो वो
मुजसे करलो,
आप की कसम वही
दुगुना मीलेगा.....!!!
जो बात "हम" में थी,
वो बात ना "तुम"
में हैं, ना "मुझ"
में हैं....!!!
वही हुआ न तेरा
दिल, भर गया मुझसे,
कहा था न ये
मोहब्बत नहीं हैं, जो
तुम करती हो….!!!
मोहब्बत भी ठंड जैसी
है,
लग जाये तो बीमार
कर देती है.....!!!
सुनो एक बार और
मोहब्बत करनी है तुमसे,
लेकिन इस बार बेवफाई
हम करेंगे....!!!
झूठ कहते हैं लोग
कि मोहब्बत सब कुछ छीन
लेती है,
मैंने तो मोहब्बत करके
ग़म का खजाना पा
लिया....!!!
बस तुम्हेँ पाने की तमन्ना
नहीँ रही,
मोहब्बत तो आज भी
तुमसे बेशुमार करतेँ हैँ....!!!
क्या नाम दूँ मैं
अपनी मोहब्बत को,
कि ये तेरा सिवा
किसी और से होती
ही नहीं....!!!
चुपचाप गुज़ार देगें तेरे बिना भी
ये ज़िन्दगी,
लोगो को सिखा देगें
मोहब्बत ऐसे भी होती
है.....!!!
तेरी मोहब्बत की तलब थी
इस लिए हाथ फैला
दिए,
वरना हमने तो कभी
अपनी ज़िंदगी की दुआ भी
नही माँगी.....!!!
ना प्यार कम हुआ है
ना ही प्यार का
अहेसास,
बस उसके बिना जिन्दगी
काटने की आदत हो
गई है......!!!
प्रेम का सबसे बड़ा
सबूत विश्वास होता है.....!!!
प्रेम ज़िन्दगी है, अगर प्रेम
खो गया, तो ज़िन्दगी
खो गयी......!!!
प्यार वहां सबसे ज्यादा
मौजूद होता है,
जहां इसकी इतनी जरुरत
नहीं होती.....!!!
मोहब्बत इंसान को इतना कुछ
सीखा देती है,
जो वो पूरी ज़िन्दगी
में नही सीख पाता......!!!
अजीब है ख्वाइशओ के
सिलसिले भी,
नसीब से समझोता किए
बैठे है…!!!
मैंने अपनी मौत की
अफवाह उड़ाई थी,
दुश्मन भी कह उठे
आदमी अच्छा था…!!!
जरुरत तोड देती है
इन्सान के घमंड को,
न होती मजबुरी तो
हर बंदा खुदा होता…....!!!
तुम चाहे मर्ज़ी जिस
रास्ते से आना,
मेरे चारो ओर आज
भी सिर्फ मोहब्बत है....!!!
उसकी जीत से होती
हे ख़ुशी मुझको,
यही जवाब मेरे पास
अपनी हार का था….!!!
क्यूँ सताते हो हमे बेगानो
की तरह,
कभी तो चाहो चाहने
वालों की तरह.....!!!
मरने का मज़ा तो
तब है,
जब कातिल भी जनाजे पे
आकर रोये.....!!!
नींद तो बचपन में
आती थी,
अब तो बस थक
कर सो जाते है......!!!
ये जो मेरे क़ब्र
पे रोते है,
अभी उठ जाऊँ.. तो
जीने ना दे…..!!!
मेरा खुदसे मिलने को जी चाहता
हे,
काफी कुछ सुना हे
मैंने अपने बारे में......!!!
हर एक लकीर, एक
तजुर्बा है जनाब,
झुर्रियां चेहरों पर, यूँ ही
आया नही करती….!!!
मुजे ज़िंदगी से कोई गीला
नहीं,
बस, जीसे चाहा वो
मीला नहीं......!!!
वक़्त रहते संभाल लो
मुझे,
कहीं तुम मुझे खो
दो और तुम्हे खबर
भी न हो.....!!!
खुदा की मोहब्बत को
फना कौन करेगा,
सभी बन्दे नेक तो गुनाह
कौन करेगा.......!!!
सबर कर बन्दे मुसीबत
के दिन भी गुज़र
जायेंगे,
हसी उड़ाने वालो के भी
चेहरे उतर जायेंगे…!!!
जो भी हूं तेरा
ही हूं,
मुझसे ऐ मेरी जान
मेरी जात न पूछ.....!!!
जरा बताओ तो.. किसे
गुरुर है अपनी दौलत
पर,
चलो उसे बादशाहों से
भरा कब्रस्तान दिखाता हु.......!!!
जिसके पास थोडा है
वह गरीब नही है,
लेकिन जो अधिक पाने
की इच्छा रखता है वह
गरीब है.....!!!
किताबों की तरह हैं
हम भी,
अल्फ़ाज़ से भरपूर, मगर
ख़ामोश….!!!
बारूद मेरे अन्दर का
भीग गया तेरे आंसुओं
से,
वरना ये दिल एक
बड़ी घटना को अंजाम
दे देता…!!!
थक गया हूँ तेरी
नौकरी से ऐ जिन्दगी,
मुनासिब होगा मेरा हिसाब
कर दे…!!!
खुशनसीब वो नहीं, जिसका
नसीब अच्छा है,
खुशनसीब वो है जो
अपने नसीब से खुश
है....!!!
हजार जवाबों से अच्छी है
खामोशी,
ना जाने कितने सवालों
की आबरू रखती है…!!!
ख्वाइशों से भरा पड़ा
है घर इस कदर,
रिश्ते ज़रा सी जगह
को तरसतें हैं....!!!
मुझे ऊंचाइयों पर देखकर हैरान
है बहुत लोग,
पर किसी ने मेरे
पैरो के छाले नहीं
देखे…!!!
वैसा ज़माना आ गया जैसा
सूना था,
रोग सस्ते और दवा महँगा
हो गया.....!!!
ज़िन्दगी भर के इम्तिहान
के बाद,
वो नतीजे में किसी और
के निकले.....!!!
बरसी मनाने आ ही जाओ,
वापस दिन आ गया
जुदा होने वाला....!!!
ठोकरें खाकर भी ना
संभले तो मुसाफिर का
नसीब,
राह के पत्थर तो
अपना फ़र्ज़ अदा करते
हैं.....!!!
आज अजीब क़िस्सा देखा
हमने खूदखुशी का,
एक शख़्स ने ज़िंदगी से
तंग आ कर मोहब्बत
कर ली....!!!
सब समझते है, बात मतलब
की,
किस ने समझा है,
बात का मतलब….!!!
ये मौत भी अजीब
चीज़ है दोस्तों,
एक दिन मरने के
लिए पूरी जिंदगी जीना
पड़ती है…!!!
तेरी पहचान भी न खो
जाए रफ्ता रफ्ता,
इतने चेहरे न बदल थोड़ी
सी शोहरत के लिए…!!!
बहुत देखा जीवन में
समझदार बन कर,
पर ख़ुशी हमेशा पागल
बनने पर आयी.....!!!
वक्त पे न पहचाने
कोई ये अलग बात,
वैसे तो शहर में
अपनी पहचान बहुत हैं......!!!
परिंदों सी उड़ान भरी
थी तुझ को पाने
को,
तेरा आसमां देख चक्कर खा
गए.....!!!
मुश्किलें जरुर हैं, मगर
ठहरा नही हूँ मैं,
मंज़िल से जरा कह
दो, अभी पहुंचा नही
हूँ मैं....!!!
कौन गुज़ारता है यहाँ जिंदगी,
वह तो खुद-ब-खुद गुज़रती रहती
हैं…!!!
वादे तो उसने कीये
लेकीन,
उसके इरादे नेक नही थे.....!!!
मरने वाले तो खैर
बेबस हैं,
जीने वाले कमाल करते
हैं......!!!
उठाये जो हाथ उन्हें
मांगने के लिए,
किस्मत ने कहा, अपनी
औकात में रहो....!!!
खुदा भी आख़िर पुछेगा
मुझसे,
मुझे पाँच वक़्त…उसे
हर वक़्त.....!!!
मौत से पहले भी
एक मौत होती है,
देखो तुम किसी अपने
से जुदा होकर.....!!!
यु न झांको गरीब
के दिल में,
यहाँ हसरते बे-लिबास रहती
है....!!!
सुना है इश्क़ से
तेरी बोहत बनती है,
एक एहसान कर मुझ पे,
क़सूर पूछ मेरा....!!!
काश तुम मौत होते,
तो एक दिन जरूर
मेरे होते....!!!
कमल की फनकारी है
तुझ में,
वार भी दिल पे,
राज भी दिल पे....!!!
होश मुझे भी आ
ही जाएगा मगर,
पहले दिल तेरी यादो
से रिहा तो हो....!!!
उदासियों की वजह तो
बहुत है ज़िन्दगी में,
पर बेवजह खुश रहने का
मज़ा ही कुछ और
है....!!!
बेवफा लोगो को हम
से बेहतर कोण जानेगा,
हम तो जले हुए
कागज़ों से भी अलफ़ाज़
पढ़ लिया करते है....!!!
मयखाने में कैसे बुझती
प्यास मेरी,
इन् होठों को तलब तो
तेरे होठों की थी….!!!
ना कर जिद अपनी
हद में रह दिल,
वो बड़े लोग है
अपनी मर्जी से याद करते
है…..!!!
इतनी शिद्दत से याद आये
हो,
जैसे फिर याद ही
नहीं आना....!!!
ऐसी कोई जवानी नहीं,
जिस की कोई कहानी
नहीं.....!!!
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