JAUN ELIYA




jo guzārī na jā sakī ham se
ham ne vo zindagī guzārī hai

maiñ bhī bahut ajiib huuñ itnā ajiib huuñ ki bas
ḳhud ko tabāh kar liyā aur malāl bhī nahīñ


ye mujhe chain kyuuñ nahīñ paḌtā
ek hī shaḳhs thā jahān meñ kyā


zindagī kis tarah basar hogī
dil nahīñ lag rahā mohabbat meñ


saarī duniyā ke ġham hamāre haiñ
aur sitam ye ki ham tumhāre haiñ


bahut nazdīk aatī jā rahī ho
bichhaḌne kā irāda kar liyā kyā


kaun is ghar kī dekh-bhāl kare
roz ik chiiz TuuT jaatī hai

kis liye dekhtī ho ā.īna
tum to ḳhud se bhī ḳhūbsūrat ho


kyā sitam hai ki ab tirī sūrat
ġhaur karne pe yaad aatī hai



अपने सब यार काम कर रहे हैं
और हम हैं कि नाम कर रहे हैं


अब तो हर बात याद रहती है
ग़ालिबन मैं किसी को भूल गया


अपने सब यार काम कर रहे हैं
और हम हैं कि नाम कर रहे हैं


अब तो हर बात याद रहती है
ग़ालिबन मैं किसी को भूल गया


अब मेरी कोई ज़िंदगी ही नहीं
अब मेरी कोई ज़िंदगी ही नहीं
अब भी तुम मेरी ज़िंदगी हो क्या


इलाज ये है कि मजबूर कर दिया जाऊँ
वगरना यूँ तो किसी की नहीं सुनी मैंने

उस गली ने ये सुन के सब्र किया
उस गली ने ये सुन के सब्र किया
जाने वाले यहाँ के थे ही नहीं


एक ही तो हवस रही है हमें
अपनी हालत तबाह की जाए

क्या तकल्लुफ़ करें ये कहने में
क्या तकल्लुफ़ करें ये कहने में
जो भी ख़ुश है हम उस से जलते हैं


कैसे कहें कि तुझ को भी हम से है वास्ता कोई
तू ने तो हम से आज तक कोई गिला नहीं किया

काम की बात मैंने की ही नहीं
काम की बात मैंने की ही नहीं
ये मेरा तौर-ए-ज़िंदगी ही नहीं


कितने ऐश से रहते होंगे कितने इतराते होंगे
जाने कैसे लोग वो होंगे जो उस को भाते होंगे

कितनी दिलकश हो तुम कितना दिल-जू हूँ मैं
कितनी दिलकश हो तुम कितना दिल-जू हूँ मैं
क्या सितम है कि हम लोग मर जाएँगे


कौन से शौक़ किस हवस का नहीं
दिल मेरी जान तेरे बस का नहीं

ख़र्च चलेगा अब मेरा
ख़र्च चलेगा अब मेरा किस के हिसाब में भला
सब के लिए बहुत हूँ मैं अपने लिए ज़रा नहीं


जमा हम ने किया है ग़म दिल में
इस का अब सूद खाए जाएँगे

ज़िंदगी एक फ़न है लम्हों को
ज़िंदगी एक फ़न है लम्हों को
अपने अंदाज़ से गँवाने का


ज़िंदगी किस तरह बसर होगी
दिल नहीं लग रहा मोहब्बत में

जो गुज़ारी न जा सकी हम से
जो गुज़ारी न जा सकी हम से
हम ने वो ज़िंदगी गुज़ारी है


'जौन' दुनिया की चाकरी कर के
तूने दिल की वो नौकरी क्या की

नया इक रिश्ता पैदा क्यूँ करें हम
नया इक रिश्ता पैदा क्यूँ करें हम
बिछड़ना है तो झगड़ा क्यूँ करें हम


नहीं दुनिया को जब परवाह हमारी
तो फिर दुनिया की परवाह क्यूँ करें हम


कैसे कहें कि तुझ को भी हम से है वास्ता कोई
तू ने तो हम से आज तक कोई गिला नहीं किया 

तू मुझे ढूँढ़ मैं तुझे ढूंढ़ूं
कोई हम में से रह गया है कहीं 
जॉन एलिया
अब मेरी कोई ज़िंदगी ही नहीं
अब भी तुम मेरी ज़िंदगी हो क्या 

सब दलीलें तो मुझ को याद रहीं
बहस क्या थी उसी को भूल गया 
जॉन एलिया
उन से वादा तो कर लिया लेकिन
अपनी कम-फ़ुर्सती को भूल गया 

हम जी रहे हैं कोई बहाना किए बग़ैर
उस के बग़ैर उस की तमन्ना किए बग़ैर 
जॉन एलिया
ऐ क़ातिलों के शहर बस इतनी ही अर्ज़ है
मैं हूँ न क़त्ल कोई तमाशा किए बग़ैर 

इक अजब हाल है कि अब उस को
याद करना भी बेवफ़ाई है 
जॉन एलिया
ख़ुद को भूला हूँ उस को भूला हूँ
उम्र भर की यही कमाई है 

 उस गली ने ये सुन के सब्र किया
जाने वाले यहाँ के थे ही नहीं 

जॉन एलिया
ज़ब्त कर के हँसी को भूल गया
मैं तो उस ज़ख़्म ही को भूल गया 

 एक ही तो हवस रही है हमें
अपनी हालत तबाह की जाए 

जॉन एलिया
काम की बात मैं ने की ही नहीं
ये मेरा तौर-ए-ज़िंदगी ही नहीं

कौन से शौक़ किस हवस का नहीं
दिल मेरी जान तेरे बस का नहीं 

जॉन एलिया
इलाज ये है कि मजबूर कर दिया जाऊँ
वगरना यूँ तो किसी की नहीं सुनी मैंने 

 जो गुज़ारी न जा सकी हम से
हम ने वो ज़िंदगी गुज़ारी है 

जॉन एलिया
कितनी दिलकश हो तुम कितना दिल-जू हूँ मैं
क्या सितम है कि हम लोग मर जाएँगे 

 मैं भी बहुत अजीब हूँ इतना अजीब हूँ कि बस
ख़ुद को तबाह कर लिया और मलाल भी नहीं 

जॉन एलिया
ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता
एक ही शख़्स था जहान में क्या 

 ये वार कर गया है पहलू से कौन मुझ पर
था मैं ही दाएँ बाएँ और मैं ही दरमियाँ था 

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